सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने किया सरेंडर…

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सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने किया सरेंडर

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने राजीव रोशन हत्याकांड में बिहार के बाहुबली शहाबुद्दीन को मिली ज़मानत रद्द कर दी है. इस मामले में पटना हाई से ज़मानत मिलने के बाद 10 सितंबर को वो जेल से बाहर आया था. ज़मानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने सरेंडर कर दिया है.

सिवान ज़िले में खौफ का दूसरा नाम माने जाने वाला शहाबुद्दीन 11 साल बाद जेल से रिहा हुआ था. 400 गाड़ियों के काफिले के साथ जब वो भागलपुर जेल से सिवान पहुंचा तो लोगों के जेहन में उसके आतंक से जुड़ी सभी घटनाएं ताज़ा हो गई थीं.

शहाबुद्दीन की वजह से अपने 3 बेटों को गंवाने वाले चंदा बाबू ने सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया. इसके बाद राजनीतिक रूप से दबाव महसूस कर रही बिहार सरकार भी सुप्रीम कोर्ट पहुंची. दोनों ने शहाबुद्दीन को ज़मानत देने वाले हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की.

चंदा बाबू के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि पटना हाई कोर्ट ने शहाबुद्दीन ज़मानत देते वक्त सभी अहम तथ्यों की उपेक्षा की. भूषण ने कोर्ट को बताया कि शहाबुद्दीन को अब तक कुल 10 मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है. इसमें से 2 मामले हत्या के हैं. उसके खिलाफ 45 मुकदमे लंबित हैं. इनमें से 9 कत्ल के मुकदमे हैं.

शहाबुद्दीन की तरफ से कोर्ट में पेश वरिष्ठ वकील शेखर नाफड़े ने उसका ज़ोरदार बचाव किया. उन्होंने कहा कि इससे पहले 40 से ज़्यादा मामलों में शहाबुद्दीन को ज़मानत मिली. उनके खिलाफ राज्य सरकार ने इसलिए अपील नहीं की क्योंकि सभी फैसले तकनीकी रूप से सही थे. ये फैसला भी सही है. लेकिन इस बार राज्य सरकार राजनीतिक दबाव में है.

कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज कोर्ट ने हाई कोर्ट के फ़ैसले को रद्द कर दिया. कोर्ट ने शहाबुद्दीन को तुरंत जेल भेजने को कहा है.

फ़िलहाल, शहाबुद्दीन को वापस भागलपुर जेल भेजा जाएगा. चंदा बाबू के वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि वो बहुत जल्द उसे बिहार से बाहर की किसी जेल में भेजने की अर्ज़ी दाखिल करेंगे.

गौरतलब है कि ज़मानत के जिस आदेश को आज सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया है, वो शहाबुद्दीन को राजीव रोशन हत्या मामले में मिली थी.
राजीव रोशन अपने 2 भाइयों गिरीश और सतीश को तेज़ाब से जलाकर मारने का चश्मदीद गवाह था. गिरीश-सतीश मामले में शहाबुद्दीन को उम्र कैद की सज़ा मिली हुई है. इस मामले में भी उसे हाई कोर्ट से बेल मिल चुकी है. इस बेल को तीनों भाइयों की माँ कलावती देवी ने चुनौती दी है. आज सुप्रीम कोर्ट ने इस पर भी शहाबुद्दीन और बिहार सरकार को नोटिस जारी किया है.

यानी, अभी एक और मामले में शहाबुद्दीन की ज़मानत रद्द होने की संभावना है. इससे पहले पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या से जुड़े मुकदमे को बिहार से बाहर ट्रांसफर करने की मांग पर भी सुप्रीम कोर्ट नोटिस जारी कर चुका है. इस मामले में भी शहाबुद्दीन आरोपी है.

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