भारत में दवाओं को मंजूरी देने और उनके कारोबार पर नजर रखने की जो व्यवस्था है उसका होना न होना बराबर है. रैनबैक्सी के घोटाले को दुनिया के सामने लाने वाले और स्वास्थ्य कार्यकर्ता दिनेश ठाकुर की एक हालिया रिपोर्ट कुछ ऐसा ही संकेत करती है. इसके मुताबिक दवा उद्योग पर निगरानी रखने वाली व्यवस्था की कमियों और इसमें चल रही गड़बड़ियों को फौरन दुरुस्त è …